बच्चों में विटामिन डी की कमी पूरी करते हैं ये 5 आहार

बच्चों में विटामिन

बच्चों के स्वास्थ्य के लिए विटामिन-डी अति आवश्यक है। जन्म के बाद से ही बच्चों में इस विटामिन की एक निश्चित मात्रा होना जरूरी माना जाता है। धूप के अलावा इन खाद्य पदार्थ से भी इस विटामिन की कमी को पूरा किया जा सकता है।

 बच्चों के शारीरिक विकास के लिए विटामिन-डी एक जरूरी विटामिन है। इस विटामिन से हड्डियां मजबूत होती हैं और दिमाग तेज बनता है। लेकिन वर्तमान समय में खासकर शहरों में रहने वाले बच्चों में विटामिन-डी की कमी पाई जा रही है।

 आजकल छोटे-छोटे बच्चों को भी पैर दर्द और कमजोर हड्डियों की शिकायत हो रही है। कमजोर हड्डियां और मांसपेशियां विटामिन-डी की कमी की ओर इशारा करते हैं। यह एक ऐसा विटामिन है, जो बिना मेहनत के धूप में खेलने से मिल जाता है। इसका सबसे बड़ा स्रोत धूप ही हैl 

. इम्यूनिटी कमजोर बच्चों में विटामिन डी की कमी होने पर इम्युनिटी कमजोर हो जाती है, जिसका असर आप उनके रोजाना के व्यवहार में देखने को मिल सकता है, जिससे वो चिड़चिड़े हो जाते हैं और जल्दी हो बीमार पड़ जाते हैं। ऐसे बच्चों को संक्रमण का •खतरा ज्यादा होता है।

विटामिन-डी की कमी पूरी करने के लिए क्या करें

पहले के समय में शायद ही किसी ने सोचा होगा कि भारत और अफ्रीका जैसे देशों में भी लोगों में विटामिन-डी की कमी हो सकती है। लेकिन अब कमी ही नहीं हो रही है बल्कि यह एक प्रचलित बीमारी बन गई है। 

इसका केवल एक उपाय है कि अपने खाने की आदत को सुधार और पर्याप्त मात्रा में धूप लें। धूप के अलावा इन 5 चीजों का सेवन अपने डाइट में अगले छह महीने तक करें।

भी लोगों में विटामिन-डी की कमी हो सकती है। लेकिन अब कमी ही नहीं हो रही है बल्कि यह एक प्रचलित बीमारी बन गई है।

 इसका केवल एक उपाय है कि अपने खाने की आदत को सुधार और पर्याप्त मात्रा में धूप लें। धूप के अलावा इन 5 चीजों का सेवन अपने डाइट में अगले छह महीने तक करें।

अगर आपके बच्चे में विटामिन-डी की कमी है तो उसे मार्केट में मिलने वाला विटामिन-डी फोर्टिफाइड दूध पिलाएं। गाय का दूध विटामिन-डी फोर्टिफाइड हो तो यह और अधिक फायदेमंद हो जाता है।

मशरूम

सफेद और पोर्टबेला मशरूम में विटामिन-डी अच्छी मात्रा में पाया जाता है। इसके अलावा मशरूम में कैलोरी बहुत कम होती है। 5 सफेद मशरूम या एक पूरे पोर्टबेला मशरूम में केवल 20 कैलोरी होती है। इसे खाने से पेट भरा रहता है 

और जल्दी भूख नहीं लगती जिसके कारण बच्चे जंक फूड खाने की जिद भी नहीं करेंगे। 100 ग्राम मशरूम में आईयू विटामिन डी होता है इसलिए रोज एक टाइम विटामि- डी से भरपूर मशरूम की सब्जी

खिलाएं। तो आज से अपने बच्चे को ये सारी चीजें खिलाना शुरू करें और उनकी हड्डियों को मजबूत बनाएं।

एक गिलास दूध

दूध के फायदे हर किसी को मालूम है। यह इकलौती ऐसी खाने-पीने की चीज है, जिसमें विटामिन सी को छोड़कर सारे विटामिन्स होते हैं। इसलिए तो बढ़ते बच्चे को डॉक्टर भी रोज एक गिलास दूध पीने के लिए बोलते हैं।

 अगर, आपके बच्चे में विटामिन-डी की कमी है तो उसे मिलने वाला विटामिन-डी फोर्टिफाइड दूध पिलाएं। गाय का दूध विटामिन-डी

आईयू विटामिन डी होता है इसलिए रोज एक टाइम विटामि- डी से भरपूर मशरूम की सब्जी

खिलाएं। तो आज से अपने बच्चे को ये सारी चीजें खिलाना शुरू करें और उनकी हड्डियों को मजबूत बनाएं।

फोर्टिफाइड हो तो यह और अधिक फायदेमंद हो जाता है।

अगर आपके बच्चे को दूध पीने से उल्टी हो जाती है तो उसे विटमिन-डी फोर्टिफाइड सोया मिल्क पिलाएं। आजकल यह आसानी से मार्केट में मिल भी जाता है।

सोया फूड्स

सोयाबीन तो हर किसी के घर में बनती होगी। लेकिन लोग सबसे बड़ी गलती यह करते हैं कि इसे आलू के साथ बनाते हैं, जिसमें आलू अधिक और सोया कम होता है। आलू के साथ सोयाबीन की सब्जी इतनी अधिक बनाएं कि बच्चों के हिस्से में कम से कम 100 ग्राम सोयाबीन आए। इसके अलावा सोया फूड जैसे टोफू, सोया चॉप भी आप खिला सकती हैं। 

लेकिन ये सोयाबीन की तुलना में थोड़े महंगे होते हैं और जल्दी मिलते नहीं हैं। इसलिए आज से सोयाबीन को अपने खाने में रोज शामिल करें और कभी चिली सोया तो कभी सोया कबाब बनाकर बच्चों को खिलाएं। वे इसे मजे से खाएंगे भी और उन्हें पर्याप्त मात्रा में विटामिन-डी भी मिल जाएगा।

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