छोड़िए अपनी बॉडी पर शर्मिंदा होना

खुद को बेहतर बनाने के लिए सबसे ज्यादा जरूरी है आप जैसे हैं, वैसे अपने आपको स्वीकारें। अगर आप अपने असली रूप को पहचान लेंगे तो आपकी जिंदगी बहुत  आसान हो जाएगी और आप एक बेहतर जिंदगी जी सकेंगे। अपनी खुशी के लिए किसी और पर निर्भर न रहें। अपने आपको खुश रखने की कोशिश करें।

अक्सर देखा गया है कि जिन लोगों का वजन बहुत अधिक या कम होता है वे खुद पर शर्मिंदा होने लगते हैं या फिर जिन लोगों का कद छोटा होता है वे भी अक्सर खुद को शर्मिंदा पाते हैं। 

लेकिन क्या आप जानते हैं ऐसा करके आप ना सिर्फ खुद से नफरत कर रहे हैं बल्कि आप अपना आत्मविश्वास भी खो रहे हैं। यदि आप अपने लुक और पर्सनैलिटी से खुश नहीं हैं 

तो इसका नकारात्मक प्रभाव आपकी पूरी लाइफ पर पड़ सकता है। सिर्फ अधिक वजन या कम वजन होने या अच्छा ना दिखने से या कद छोटा होने पर खुद को जज करना या दूसरों की बातों को सुनकर शर्मिंदा होने का अर्थ है कि आप खुद को दूसरों से कम आंक रहे हैं। 

साथ ही आप अपनी काबिलियत की तुलना अपनी पर्सनैलिटी से कर रहे हैं। ये जरूरी नहीं कि जो दिखने में स्मार्ट और फिट है वो उतना ती काबिल और सक्षम होगा। काबिलियत और पर्सनैलिटी दो अलग-अलग चीजें हैं। 

आपको ये समझने की जरूरत है कि आपको पहचान आपकी काबिलियत से होती है ना कि तक से। आपको ये गलत सोच बिना वजह लाइफ में स्ट्रेस का कारण बन सकती है।

खुद को पहचानें

आपको अपने शरीर, त्वचा और व्यक्तित्व के साथ ठीक वैसे ही सहज होने की जरूरत है, जैसे वे है किसी और के कहने पर आपको बदलने की जरूरत नहीं है। यदि आप लोगों की बातों में आकर अपने लुक पर ही सारा समय सोचते रहेंगे तो ये स्थिति आपको मुश्किल में डाल सकती है। 

आपको अपनी उन चीजों परफोकस करना चाहिए जो कि आपके व्यततित्व को निखारती हैं। जैसे आपको क्या काम करना – पसंद है, आप किन चीजों में अच्छे हैं। आप यदि खुद को पहचानकर वो काम करेंगे जिसमें आप अच्छे है तो आप खुद पर शर्मिंदा होना छोड़ देंगे और आपका आत्मविश्वास खुद हो बढ़ने लगेगा।

खुद को जागरूक करें

आपके लाइफ में क्या गोल हैं, आपकी लाइफ में क्या चीजें अधिक महत्वपूर्ण हैं, आप किन चीजों को लेकर इमोशनल हैं, कौन सी चीजें आपको इंस्पायर करती हैं, उन पर फोकस करें। 

अपनी इन चीजों की पहचान करें। एक रिसर्च के मुताबिक, सेल्फ अवेयरनेस ना सिर्फ हमें अधिक कॉन्फिडेंड बनाती है बल्कि हमें हमारी काबिलियत पहचानने में भी मदद करती है। अपने आत्मविश्वास से आप समाज में अपनी अलग पहचान बना सकते हैं और लोगों से अच्छे संबंध स्थापित कर सकते हैं। 

साथ ही लाइफ में सही निर्णय लेने में सक्षम हो सकते हैं। सेल्फ अवेयरनेस से आप मेंटली, इमोशनली स्पिरिचुअली और फीजिकली स्ट्रांग होते हैं। इससे आप आसानी से खुद से और अपनी बाड़ी से प्यार कर पाते हैं।

सोशल मीडिया से बनाएं दूरी

यदि आप बॉडी समिंग की समस्या से गुजर रहे है तो फेसबुक, इंस्टाग्राम, स्नैपचैट जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर स्क्रॉल करना तुरंत बंद कर देना चाहिए। सोशल मीडिया वास्तविकता नहीं है,

 यह एक काल्पनिक दुनिया से लबालब माहौल है जो दिखने में अद्भुत है। आप कुछ महीनों के लिए सोशल मीडिया से दूर रहें और खुद पर ध्यान लगाएं। अपनी पसंद की चीजेंकरें जैसे- आपको पढ़ना पसंद है या जो भी एक्टिविटी पसंद है उसे करें, जिससे आप अधिक सोचने से बच सकें। 

यदि आप अपने अंदर के आलोचक को दूर करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं तो ‘हाउ टू बिल्ड सेल्फ- एस्टीम एंड वो कॉन्फिडेंट’ जैसी बुक्स आपके लिए एक अच्छा विकल्प हो सकती हैं।

बुरी बातें करने वालों से रहें दूर 

अगर आपके कुछ ऐसे दोस्त या परिवार के सदस्य हैं जो केवल नकारात्मक बातें या टिप्पणियां करते हैं और आपकी भावनाओं को आहत करते हैं, तो उनसे तुरंत दूरी बनाएं। अपने आसपास ऐसे लोगों का माहौल बनाएं जो आपका समर्थन करते हैं 

और केवल आपके लिए बेस्ट चाहते हैं। जो लोग नकारात्मकता और फुटिल बातें करते हैं वे खुद बड़े पैमाने पर असुरक्षित होते हैं और खुद को बेहतर महसूस कराने के लिए आपको गलत बाते कहते हैं। ऐसे नए दोस्त बनाएं जो आपके आसपास केमाहौल को मजेदार और सकारात्मक बनाएं।

 और आपको निराश न करें। नकारात्मक माहौल से बाहर निकलना आपके आत्मविश्वास को बढ़ाने वाला हो सकता है।

किसी प्रोफेशनल की मदद लें

आप अगर अपनी पर्सनैलिटी पर काम करना चाहते हैं तो प्रोफेशनल की हेल्प लेना अच्छा विचार है। लेकिन स्ट्रेस लेना या खुद पर शक करना या आत्मविश्वास खो देना आपकी सेहत के लिए भी बुरा हो सकता है।

 यदि सारी तरकीबें अपनाने के बाद भी आपका कॉन्फिडेंस लगातार कम हो रहा है और आप चाहकर भी। अपने काम पर फोकस नहीं कर पा रहे हैं तो आप काउंसलिंग भी ले सकते हैं। इससे आपको अपना कॉन्फिडेंस बूस्ट करने में बहुत मदद मिलेगी।

आप वो काम करें जिससे आपको खुशी मिलती है। ये ध्यान रखें आप सबको खुश नहीं कर सकते और कोई भी परफेक्ट नहीं होता। लेकिन आप अपने आपको को खुश कर सकते हैं और खुद को अपने लिए परफेक्ट बनाने की कोशिश कर सकते हैं।

खुद को स्वीकार करें आप जैसे भी हैं खुद को स्वीकार करें। अगर आप खुद से प्यार नहीं करेंगे तो आप दूसरों से कैसे उम्मीद कर सकते हैं. कि वो आपको प्यार करेंगे या फिर आपके साथ वैसा बिहेव करेंगे जैसा आप चाहते हैं। 

आप खुद के साथ वैसा व्यवहार करें जैसा आप दूसरों से उम्मीद करते हैं। जैसे-जैसे आपका खुद से रिलेशन अच्छा बनेगा, आप अपने खुद के दोस्त बनेंगे तो आप पाएंगे आपका आत्मविश्वास बढ़ने लगा है। 

इसके लिए आप शीशे के आगे रोजाना कहें- आई एम गुड लुकिंग, आई एम बेस्ट एंड ब्यूटीफूल आप खुद को शुक्रिया अदा करें जो भी आपके पास है। यदि आप रोजाना खुद को स्वीकार करेंगे तो आप खुद में नया बदलाव पाएंगे।

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